राजस्व कार्यों में भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई होगी: डॉक्टर दिलीप कुमार जेसवाल
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१५ अगस्त तक ३० हजार भूमिहीन परिवारों को बस्ती प्रमाण पत्र देने का लक्ष्य, लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करने का निर्देश
पटना, ६ अगस्त: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जेसवाल ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि राजस्व से संबंधित कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, देरी या नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी सेवाएं पूरी तरह से ऑनलाइन हैं, इसलिए यदि किसी भी स्तर पर ऑफलाइन तरीके से काम करने की शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी अतिरिक्त जिलाधिकारियों, डीसीएलआर और सर्कल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने ऑनलाइन इंट्री, प्रीमार्जन प्लस, ई-मैपी, अभियान बसेरा-२, राजस्व महा अभियान, जन शिकायतें और आरसीएमएस के तहत लंबित मामलों की प्रगति का विस्तृत समीक्षा किया। उन्होंने लक्ष्य से पीछे रहने वाले जिलों को निर्धारित अवधि के भीतर सभी लंबित मामलों का निपटारा करने का निर्देश दिया।
डॉ. जेसवाल ने कहा कि सभी मामलों का निपटारा "फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट (एफआईएफओ)" सिद्धांत के अनुसार सुनिश्चित किया जाए और डीसीएलआर स्तर पर अंतिम चरण में लंबित सभी मामले एक सप्ताह के भीतर निपटाए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदनों की जांच (डिफेक्ट चेक) की प्रक्रिया में भी तेजी लाई जाए ताकि जनता को समय पर सेवाएं प्रदान की जा सकें।
मंत्री ने बताया कि अभियान बसेरा-२ के तहत १५ अगस्त तक ३० हजार भूमिहीन परिवारों को आवासीय भूमि के बसेरा प्रमाण पत्र प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने सभी जिलों को समन्वय के साथ इस लक्ष्य की समय पर पूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने घोषणा की कि विभाग की कार्यक्षमता की फिर से समीक्षा १५ दिन बाद की जाएगी और उस समय तक सभी जिलों को लंबित मामलों में उल्लेखनीय कमी लाकर निपटान दर में सुधार करना होगा। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सचिव सीमा त्रिपाठी, सचिव जय सिंह, अतिरिक्त सचिव डॉ. महेंद्र पाल, अजय वत्स राज, संयुक्त सचिव गर्धरी लाल सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।