विधानसभा में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में हंगामा
Awaz E Bihar••34 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
पटना (एबीएन) बिहार विधानसभा की कार्यवाही गुरुवार को छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज और कुछ विधायकों पर कथित हमले के मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के सदस्यों के बीच हुए तीव्र हंगामे और धक्का-मुक्की के बाद स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही आज विपक्ष के सदस्य पोस्टर लहराते हुए राजधानी पटना में बुधवार को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाने लगे। विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सदन में शोर-शराबा किया। इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक श्याम बाबू यादव खड़े हुए और उन्होंने कहा कि डाक बंगला चौराहे पर प्रदर्शन करने वाले छात्र नहीं बल्कि गुंडे थे। उन्होंने ऊंची आवाज में कहा कि उन पर और उनके सुरक्षा कर्मियों पर हमला किया गया और उनकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल लोग विभिन्न राजनीतिक दलों के गुंडे थे, छात्र नहीं थे। उनकी बात का समर्थन करते हुए विधायक प्रमोद कुमार भी इस मुद्दे पर बोलने लगे। इसके बाद सत्तारूढ़ दल के कई अन्य सदस्य भी अपनी-अपनी सीटों से खड़े होकर बोलने लगे। इसके बाद सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के सदस्यों के बीच नोक-झोंक शुरू हो गई और सदन में तीव्र हंगामा होने लगा। देखते ही देखते स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। सत्तारूढ़ दल और विपक्ष, दोनों पक्षों के सदस्य नारेबाजी करते हुए एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही आज विपक्ष के सदस्य पोस्टर लहराते हुए राजधानी पटना में बुधवार को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाने लगे। विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सदन में शोर-शराबा किया। इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक श्याम बाबू यादव खड़े हुए और उन्होंने कहा कि डाक बंगला चौराहे पर प्रदर्शन करने वाले छात्र नहीं बल्कि गुंडे थे। उन्होंने ऊंची आवाज में कहा कि उन पर और उनके सुरक्षा कर्मियों पर हमला किया गया और उनकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल लोग विभिन्न राजनीतिक दलों के गुंडे थे, छात्र नहीं थे। उनकी बात का समर्थन करते हुए विधायक प्रमोद कुमार भी इस मुद्दे पर बोलने लगे। इसके बाद सत्तारूढ़ दल के कई अन्य सदस्य भी अपनी-अपनी सीटों से खड़े होकर बोलने लगे। इसके बाद सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के सदस्यों के बीच नोक-झोंक शुरू हो गई और सदन में तीव्र हंगामा होने लगा। देखते ही देखते स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। सत्तारूढ़ दल और विपक्ष, दोनों पक्षों के सदस्य नारेबाजी करते हुए एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे।