मुख्यमंत्री ने गंडक नदी और सीमावर्ती बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया
Awaz E Bihar••34 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
पटना, 27 अगस्त :: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज नेपाल में आयी बाढ़ के मद्देनजर बिहार के सीमावर्ती इलाकों और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन करने के लिए सोनपुर से वाल्मिकीनगर तक गंडक नदी का हवाई सर्वेक्षण किया। इस बीच बगहा, वाल्मिकीनगर, बेतिया और मोतिहारी इलाके में बाढ़ की स्थिति, संभावित प्रभाव और प्रशासन की तैयारियों की भी समीक्षा की गयी. वाल्मिकीनगर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने वाल्मिकीनगर बराज का निरीक्षण किया. उन्होंने बैराज के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में जल प्रवाह की स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण के समय पानी का बहाव लगभग 1.06 लाख क्यूसेक था। मुख्यमंत्री ने बराज स्थित नियंत्रण कक्ष का भी निरीक्षण किया और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से गंडक नदी के जलस्तर और जल प्रवाह के बारे में जानकारी प्राप्त की. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 26 अगस्त 2026 को रात्रि 11 बजे गंडक नदी का जलस्राव अपने उच्चतम स्तर 1,50,200 क्यूसेक तक पहुंच गया था, जिसके बाद जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की गयी. हालांकि, देवघाट इलाके में देर रात हुई बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है. फिलहाल तटबंधों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है. विभाग द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. मुख्यमंत्री ने पश्चिम चंपारण के डीएन और एसपी से स्थिति पर अपडेट प्राप्त किया और संभावित प्रभावों, आवश्यक एहतियाती उपायों, सुरक्षा व्यवस्था और राहत और बचाव कार्यों के संबंध में प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्परता से कार्य करने, संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा एवं उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. सभी संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं कर्मठ रहें तथा किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें।
गंगा नदी के जलस्तर में कमी की प्रवृत्ति देखी जा रही है. हालांकि, कुछ स्थानों पर जलस्तर में 1 से 2 सेमी की मामूली वृद्धि हो सकती है. इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन को लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव एवं सुरक्षा उपायों से संबंधित सभी आवश्यक कार्य प्राथमिकता के आधार पर किये जा रहे हैं. निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।