सरकार अपराध, भ्रष्टाचार के साथ-साथ सांप्रदायिकता के साथ भी कोई समझौता नहीं करेगी: विजय चौधरी
Awaz E Bihar••15 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
पटना, 2 मई (एबीएन) उपमुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार राज्य में अपराध और भ्रष्टाचार के साथ-साथ सांप्रदायिकता से भी किसी तरह का समझौता नहीं करेगी।
श्री चौधरी ने कहा कि बिहार में भले ही मुख्यमंत्री बदल गए हों, लेकिन सरकार अगले पांच साल नीतीश कुमार की नीतियों और सोच के अनुसार ही चलेगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष भाजपा के नाम पर डराकर अल्पसंख्यकों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव से पहले गठबंधन ने कहा था कि 'पच्चीस से तीस, फिर से नीतीश और अगले पांच साल राज्य उसी तर्ज पर चलेगी जैसा नीतीश चाहते हैं।
उपमुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि बिहार में किसी भी अल्पसंख्यक को डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार के नए मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी विधानसभा में कहा था कि उनकी सरकार 'अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता' से कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार सांप्रदायिकता पर 'शून्य सहनशीलता' की अपनी नीति पर कायम है।
श्री चौधरी ने कहा कि 2005 से पहले की सरकारें अल्पसंख्यकों को यह बताती थीं कि उनकी सुरक्षा के लिए इसका सत्ता में होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की जिम्मेदारी सिर्फ नागरिकों की सुरक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसे यह भी देखना होता है कि लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार आए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की योजनाओं से अल्पसंख्यकों को भी दूसरे लोगों के बराबर ही फायदा मिला है। उन्होंने उदाहरण दिया कि स्कूलों में लड़कियों को यूनिफॉर्म देने में कोई भेदभाव नहीं किया गया, उसी तरह 'स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड' जैसी योजनाओं ने भी कमजोर वर्ग के छात्रों की मदद की। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश शासनकाल में मदरसों की स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष बिना कारण के मुद्दों को हवा देकर अल्पसंख्यकों, खासकर मुसलमानों को गुमराह करती है। उन्होंने कहा कि सात-आठ साल पहले नागरिकता संशोधन कानून के बारे में यह कहा गया था कि यह मुसलमानों की नागरिकता समाप्त करने के लिए लाया गया है। उन्होंने पूछा कि "कोई बताए कि अब तक किस मुसलमान की नागरिकता समाप्त की गई है?" उन्होंने आगे कहा कि उसी तरह 'वक्फ संशोधन कानून' के समय लोगों को बरगलाया गया कि सरकार वक्फ बोर्ड की संपत्तियां हड़पना चाहती है। उन्होंने एसआईआर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रचार किया गया कि इसका उपयोग अल्पसंख्यकों के नाम वोटर सूची से काटने के लिए किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि बिहार में ऐसी एक भी शिकायत चुनाव आयोग के सामने नहीं आई।
श्री चौधरी ने कहा कि बिहार की अल्पसंख्यक अब विपक्ष के इरादों को समझ चुकी हैं और उनके झांसे में नहीं आने वाली हैं। उन्होंने कहा कि 2005 से 2025 के बीच बिहार में अल्पसंख्यक समाज की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने बताया कि पटना के हाज भवन में मुस्लिम बच्चों की शिक्षा और कोचिंग का इंतजाम किया गया है और वहां से कोचिंग प्राप्त करने के बाद एक लड़की भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चुनी जा चुकी है।
उपमुख्यमंत्री ने आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष को इसमें महारत हासिल है कि वे असली मददगार को दोषी बना देते हैं और अपने अपराधों को छुपाकर हمدर्द बनने का ढोंग करते हैं। उन्होंने अल्पसंख्यक समाज को आश्वस्त किया कि सरकार उनके हितों के प्रति जागरूक है और उनकी बेहतरी के लिए काम पहले की तरह जारी रहेगा।